खर्चा तथा व्ययों में क्या अन्तर है?

 Difference between Expanses and Expenditure


खर्चा तथा व्ययों में क्या अन्तर है?

 दोस्तों यह बहुत छोटा सा बात दोनों का सेम नेचर है l

मगर बहुत से लोग इस बात को नहीं जानते हैं l

चलिए आज इसे समझने की कोशिश करते हैं कि आख़िर खर्चा तथा व्ययों में क्या फर्क़ है l

दोस्तों मैं हू आपका दोस्त भाई Mr. Roy वित्तीय सलाहाकार और मै आपके लिए लेकर आता हू आपकी आर्थिक समस्याओं का समाधान l


तो हमारे साथ बने रहिए l

इस छोटी सी टॉपिक को समझने के लिए l

सबसे पहले जानते हैं Expanses यानी कि खर्चा क्या है?


खर्चा l ( Expanses) 

दोस्तों क्रयप्रक्रिया के द्वारा क्रय की गयी वास्तु जिसका उपयोग हम दैनिक जीवन में रोज क्रय या एक बार क्रय एक ही बार इस्तेमाल करने के बाद उस वास्तु का अस्तित्व खत्म हो जाता हो l और इस तरह की वास्तु में किया गया निवेश खर्च ( Expanses) कहलाता है l


जैसे :- रामू ने अपनी माँ से पैसे लेकर चाकलेट खरीदा और खा गया l

दोस्तों यहा चाकलेट पे रामू के द्वारा किया गया निवेश खर्चा है l

क्युकी रामू ने चाकलेट खाया और चाकलेट खत्म l 


खर्च के को हम मुख्य रूप से से चार भागों में बांट सकते हैं l

1. निश्चित

 2. आवर्ती

 3. अनावर्ती

  4. व्हैमीज़


व्यय (Expenditure)..

दोस्तों क्रय प्रकिया द्वारा क्रय किया गया वास्तु जिनका अस्तित्व वर्षों तक रहता हो और जिनका इस्तेमाल बार बार किया जा सके उसे l उस वास्तु पर किया गया निवेश व्यय (Expenditure) कहलाता है l

जैसे :-

यहा रामू ने फिर माँ से पैसे मांगे और इस बार उन्होंने कंप्युटर खरीदा l यहा रामू कंप्युटर का इस्तेमाल बार बार कई महीनों या कई वर्षों तक करेगा l इसीलिए रामू के द्वारा किया गया यह निवेश व्यय (Expenditure) कहलाएगा l  


यहा व्यय मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं l


1. पूंजीगत व्यय (capital expenditure,) 

2. राजस्व व्यय (revenue Expenditure) 

 और 

3. अस्थगित राजस्व व्यय  (deferred revenue Expenditure) 



दोस्तों कैस लगा ये आर्टिकल हमे कॉमेंट मे जरूर बताये ll

आपका दोस्तों l Mr. Roy. 


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